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IWPC IN THE NEWS
Tripura will be BJP’s Waterloo, says Sitaram Yechury ahead of assembly poll
Live Mint
Wed, Jan 10 2018. 02 12 AM
The ruling Communist Party of India (Marxist), or CPM, is prepared for a fight against the Bharatiya Janata Party (BJP) in assembly elections due in Tripura this year...
NEWS FLASH
January 11 at 6:21 pm
The Communist Party(Marxist) general Sitaram Yechury slammed Bhartiya Janta Party(BJP) and said that ‘Tripura will be a Waterloo’ for the party. He also wrote a letter to the...
INDIAN EXPRESS
09th January 2018 08:18 PM
Calling electoral bonds a deeply regressive move by the government, CPI (M) general secretary Sitaram Yechury Tuesday said that it will open a route for dubious funds to pass...
BUSINESS STANDARD
January 9, 2018 17:35
CPI-M General Secretary Sitaram Yechury on Tuesday termed the idea of electoral bonds "regressive" and pitched for state funding of political parties and a ban on flow of corporate....
VISION NEWS OF INDIA
January 10, 2018, 02:30:00
Jan 9(Neelam Jeena/VNI): CPI-M General Secretary Sitaram Yechury today termed the idea of electoral bonds "regressive" and pitched for state funding of political parties and a ban on flow of...
एक शाम शब्दो की ताकत के नाम...
Vni India
Nov 21, 2017
एक मुस्कराती सी चहकती सी शाम मे सपने बुनती महिलाये,कही सपनो के टूटने पर शोक मगन लोग, तो कही देहात के मेले मे कुछ खरीदने के लिये व्यापारियो से मोल भाव के लिये मनुहार करती महिलाये तो कही एक युवा का युवती के समक्ष प्रणय निवेदन और उस युवती को युवा का प्रणय निवेदन स्वीकार करने के लिये मनाता....
Journalists demand report from govt on killings of mediapersons
Live Mint
Oct 03, 2017
A gathering of journalists on Monday vowed to take up the recent killings of mediapersons in the country with the home ministry and demanded a status report on the attacks against the media in various states...
NDTV
Oct 02 2017
Journalists gathered at the Press Club of India in New Delhi today to protest the recent spate of violence against mediapersons. Reporters and editors from across media channels and newspapers demanded a status report on all pending...
Journalists protest in Delhi condemning attacks on media
Scroll.in
Oct 02, 2017
On the occasion of the birth anniversary of Mahatma Gandhi, several journalists in Delhi on Monday staged protests against the recent spate of violence against the mediaThe protestors formed a human chain to condemn the attack on journalists...
The Telegraph
Ocr 03 2017
Several journalists and a few students, teachers and activists today marked Gandhi Jayanti by forming a human chain around the Press Club of India and later marching to the Indian Women's Press Corps office, demanding action against the...
IWPC Statements
IWPC PRESS STATEMENT
English
Press Club of India, Indian Women's Press Corps, Press Association condemn UIDAI attempt to gag the media


The Press Club of India, Indian Women's Press Corps and Press Association express their strong objection and condemnation at the registration of a FIR against a reporter of The Tribune by an officer of the Unique Identification Authority of India for writing a story exposing alleged loopholes in the system.

The FIR, lodged with the Cyber Cell of the Crime Branch invokes serious charges under the IPC, IT Act and Aadhaar Act. This move runs counter to the UIDAI's claim that "the Aadhaar data including biometric information is fully safe and secure". If there is no breach, what is the offence they have supposed to have committed? Rather than addressing the loopholes which would actually ensure safety and security of the data and allay the general concerns about this, the UIDAI has chosen to persecute those whose actions appear to have been only in public interest - i.e, drawing attention to the possibility of data insecurity before someone with ulterior motives is able to exploit them,.

The UIDAI filing criminal complaints against the reporter and her sources is clearly reflective of its misplaced priorities. We, the undersigned organisations find the UIDAI's move extremely intimidatory, obstructionist and inimical to the pursuit of free, fair and independent journalism. We demand that the complaint and the proceedings related to it should be withdrawn forthwith.

Issued on behalf of -

Gautam Lahiri (President) - Press Club of India
Shobhna Jain (President) - Indian Women's Press Corps
Jai Shankar (President) - Press Association
 
Members' Corner
FTII's film appreciation course for IWPC members
फिल्म एंड टेलीविजडन इमस्टीट्यूट, पुणे ने विमन प्रेस कोर्प के लिए दो दिवसीय फिल्म एप्रीसिएशन कोर्स का आयोजन किया जिसमें 30 के करीब महिला पत्रकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य पत्रकारों को फिल्म निर्माण से जुड़ी बारीकियों और विभिन्न आयामों पर आनेवाली चुनौतियों से रू-ब-रू कराना था ताकि फिल्म रिव्यू करते समय सटीक और निष्पक्ष विवेचना कर सकें और यही इस वर्कशाप की यूएसपी भी थी। इसे और बखूबी समझाने के लिए FTII अपने खज़ाने से ऐसी- ऐसी पुरानी फिल्मों के अनमोल मोती चुनकर लाया था जो आज ढूंढ़ने से भी न मिलें । इनमें दादासाहेब फाल्के की बनाई पहली मूक फिन्म 'राजा हरीशचंद्र' शामिल थी और साथ ही देखने को मिली सुप्रसिद्ध मराठी फिल्म ' हरीशचंद्राचे फैक्ट्री', जिसमें फिल्म निर्माण के दौरान दादासाहेब फाल्के के सामने आई कठिनाईयों का ज़िक्र था।सत्यजीत रे की 'टू', हालीवुड की 'हैप्पी एनीवर्सिरी', 'ए ट्रिप टू द मून' जैसी तमाम क्लासिक फिल्में सही मायनों में दिमाग के लिए भी एक विज़ुअल ट्रीट थीं।इस दौरान फिल्म 'अनारकली फ्राम आरा' की स्क्रीनिंग भी हुई जिस पर बात करने के लिए फिल्म के निर्माता, संदीप कपूर और निर्देशक, अविनाश दास मौजूद थे।पत्रकारिता से जुड़े अविनाश ने साझा किया कि अगर कहानी में दम है तो उस पर फिल्म बनानेवाला मिल ही जाता है। जलवायु परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर डाक्यूमेंट्री बनानेवाली आकांक्षा जोशी ने भी अपनी फिल्म से जुड़े तमाम अनुभवों को साझा किया। दिल्ली में महिला पत्रकारों के लिए फिल्म एंड टेलीविजडन इमस्टीट्यूट, पुणे का यह पहला कोर्स था जिसे डायरेक्टर भूपेंद्र केंथोला ने कोर्स डायरेक्टर पंकज सक्सेना और मनीश भारद्वाज के साथ मिलकर फिल्म डिवीज़न आडिटोरियम में आयोजित किया।
अलविदा शांताजी
कला समीक्षक और पत्रकार शांता सरबजीत सिंह ने जीवन के कई रंगों को देखा। उन्होंने पत्रकारिता जगत में उस समय कदम रखा, जब गिनती की महिला पत्रकार काम कर रहीं थीं। उन्होंने अपनी लगन, मेहनत और जिजीविषा के बल पर अपनी पहचान न सिर्फ कला जगत में बनाई, बल्कि,
आम लोगों के बीच •ाी काफी लोकप्रिय रहीं। वह कई सामाजिक व सांस्कृतिक संस्थाओं से संबद्ध रहीं। वह वूमेन प्रेस कॉर्प की •ाी अध्यक्ष रहीं। उन्होंने संगीत नाटक अकादमी के उपाध्यक्ष पद को •ाी सुशो•िात किया। लेकिन, यह प्रकृति का नियम है कि इस संसार में सब कुछ नश्वर है। इंसान •ाी उसका एक हिस्सा है और इसी हिस्से का एक अंश शांता सरबजीत सिंह •ाी थीं। 2 अगस्त 2017 को उन्होेंने इस संसार को अलविदा कह दिया। शांता सरबजीत सिंह की स्मृति में इंडियन वूमेन प्रेस कॉर्प में श्रद्धांजलि स•ाा का आयोजन 9 सितंबर को किया गया। इस स•ाा में कथक नृत्यांगना शोवना नारायण, •ातरनाट्यम नृत्यांगना प्रति•ाा प्रहलाद, कुचिपुडी नर्तक राजा रेड्डी, ओडिशी नृत्यांगना कविता द्विवेदी, कला समीक्षक सुनील कोठारी, पत्रकार मृणाल पांडे, •ाारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के पूर्व निदेशक सुरेश गोयल और कॉर्प के कई सदस्य उपस्थित थे। वरिष्ठ पत्रकार मृणाल पांडे ने हिंदुस्तान में उनके कॉलम लेखन के दिनों को याद किया। मृणाल पांडे ने अपने वक्तव्य में कहा कि वह समय से सब काम करती थीं। उनसे क•ाी किसी की तकरार नहीं होती थीं। वे एक सुलझी हुई शख्सियत थीं। अपने गहन अध्ययन और समझ से वह सब को जोड़ने वाली माला के धागे की तरह थी। पहली अध्यक्ष के तौर पर मृणाल जी ने बताया कि शांता जी के अथक प्रयासों की वजह से वूमेन प्रेस कॉर्प इतनी अच्छी संस्था बन कर उ•ार सका है। वह हमारे क्लब की धुरी थीं। उन्होंने कहा कि शांता जी की प्रेरणा और सुझावों से वूमेन प्रेस क्लब की परिकल्पना बनी। कथक नृत्यांगना शोवना नारायण ने अपने एक कार्यक्रम को याद करते हुए कहा कि मैंने एक बार सरबजीत जी की पेंटिग्स को आधार बना कर कोरियोग्राफी की थी। इसमें शांताजी ने बहुत सहयोग किया था। इस स•ाा को संबोधित करते हुए, कला समीक्षक सुनील कोठारी ने कहा कि मैं जब •ाी दिल्ली आता था, तब उनके घर पर ठहरता था। वह खुले मन की थीं। किसी के प्रति ईर्ष्या •ााव नहीं रखतीं थीं। श्रद्धांजलि स•ाा में शांताजी को याद करते हुए, कुचिपुडी नर्तक राजा रेड्डी ने कहा कि उन्होंने मुझे, मेरी पत्नी और बेटियों को हमेशा प्रोत्साहित किया। आईसीसीआर के पूर्व निदेशक सुरेश गोयल ने कहा कि जब कॉर्प का वार्षिक आयोजन होता था तब शांता जी बहुत मेहनत कर सबको साथ लेकर काम करने की कोशिश में जुट जाती थीं। उनके अनुशासन ,मेहनत और लगन से बहुत कुछ सीखने की प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलता है। इस संदर्•ा में •ारतनाट्यम नृत्यांगना प्रति•ाा प्रहलाद ने कहा कि वह तो मेरी मां थीं। उन्होंने मेरा हर कदम पर साथ दिया। जबकि, ओडिशी नृत्यांगना कविता द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने मेरे पिताजी व गुरू हरेकृष्ण बेहरा की बहुत मदद की। वह समय की बहुत पाबंद थीं। स•ाा के आरं•ा में इंडियन वूमेन प्रेस कॉर्प की अध्यक्ष शो•ाना जैन ने शांता सरबजीत सिंह को याद करते हुए, कहा कि शांताजी हमारे संस्थान की ऐसा आधार स्तं•ा थी जैसे मानव शरीर के लिए रीढ़ की हड्डी। वह हमेशा क्लब के हर सदस्य और हर कार्यक्रम में दिलचस्पी लेती थीं। उन्होंने कहा कि शांता जी ने एक सफर पूरा कर लिया है और आज हम उनके जीवन की नई यात्रा को मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। उपाध्यक्ष टी राजलक्ष्मी ने कहा कि शांता जी मुझसे उम्र में काफी बड़ी थीं। उनको मैं हमेशा शांता कहती थी। वह हमारे दोस्ताना संबंध से बहुत खुश रहती थीं। पत्रकार सुषमा रामचंद्रन ने कहा कि शांता जी चाहे किसी •ाी संस्थान से जुड़ी रही हो हर गतिविधि में पूरे उत्साह और जोश से •ााग लेतीं थीं। महासचिव अदिति टंडन ने उनसे अपनी पहली मुलाकात को याद किया। अदिति ने कहा कि मै शांताजी से मिलने डलहौजी गई थी। उस समय वहां बहुत ठंड थी। मुझे कंपकंपाते देखकर,उन्होंने एक शॉल लाकर खुद मुझे ओढ़ाया। मुझे उनकी वह संवेदनशीलता क•ाी नहीं •ाूलती। स•ाा के दौरान दिवंगत शांता सरबजीत सिंह के पुत्र करमजीत सिंह व पुत्रवधू और संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों और कई सदस्यों ने •ाी उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर शांता जी के लेखन की कुछ प्रतियों को •ाी दर्शाया गया था। तस्वीर पर चढ़ाए गए फूलों के बीच से मुस्कुराती शांता जी को देख कर लग रहा था मानो सबको को अपना सदा -सा प्यार दे रही हो।
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